*सरकार से सीधा सवाल : क्या इस बार भी होगा पंजीयन घोटाला

 chief editor -Neeraj Pandey 

सरकार से सीधा सवाल : क्या इस बार भी होगा पंजीयन घोटाला?*


मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 7 फरवरी से 7 मार्च तक गेहूं, चना, मसूर और सरसों का पंजीयन कराने की समय-सीमा घोषित कर दी गई है। लेकिन किसानों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पिछली धान खरीदी की तरह इस बार भी फर्जी पंजीयन का खेल दोहराया जाएगा?

पिछले सीजन की धान खरीदी में बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों के बाद भी शासन महज़ खानापूर्ति करता दिखा। प्रशासन ने केवल दो–चार ऑपरेटरों पर प्रतीकात्मक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली, जबकि करोड़ों रुपये के बड़े घोटालेबाज आज भी खुला खेल खेलने की छूट लिए घूम रहे हैं।

बिचौलियों और फर्जी पंजीयन करने वाले नेटवर्क ने किसानों की मेहनत की कमाई पर सेंध लगाई, लेकिन न तो बड़े नाम उजागर हुए और न ही किसी पर कड़ी कार्रवाई। ऐसे में किसान और आमजन यह सवाल उठाने को मजबूर हैं कि—

आखिर सरकार की तैयारी क्या है?

क्या पंजीयन प्रक्रिया इस बार पारदर्शी होगी?

क्या फर्जी आईडी, बाहरी किसानों और बिचौलियों पर लगाम लगेगी?

क्या बड़े घोटालेबाजों पर भी कार्रवाई होगी या फिर हर बार की तरह छोटे ऑपरेटरों को बलि का बकरा बनाया जाएगा?


पंजीयन का समय भले ही तय कर दिया गया हो, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती ईमानदार और साफ़-सुथरी खरीदी व्यवस्था की है। किसान यह जानना चाहते हैं कि उनकी मेहनत का उचित मूल्य उन्हें मिलेगा या फिर सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर बिचौलिए एक बार फिर करोड़ों रुपये का खेल करेंगे।

सरकार से जनता का सीधा सवाल:

क्या इस बार भी घोटाला होगा या सच में व्यवस्था बदलने जा रही है?


*ऑपरेटर ही घोटाले की प्रथम कड़ी हैँ यदि वो फर्जी पंजीयन न करें तो कुछ नहीं हो सकता*

Comments

  1. घोटाला नहीं रुकने वाला

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