कटनी जिले के रीठी क्षेत्र में हो रहीं अवैद प्लाटिंग जिला प्रशासन मौन
Chief editor-neeraj pandey
कटनी जिले के रीठी क्षेत्र में इन दिनों अवैध प्लाटिंग का मामला लगातार सुर्खियों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति और नियमानुसार विकास कार्यों के बिना ही जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचा जा रहा है, जिससे गरीब और असहाय परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी दांव पर लग रही है
मामला कटनी जिले के रीठी क्षेत्र का है, जहां कथित रूप से कुछ निजी प्लाटिंग कर्ताओं द्वारा कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध आवासीय प्लॉट के रूप में बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि न तो संबंधित लेआउट की विधिवत स्वीकृति ली गई है और न ही मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, नाली, बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कई खरीदारों ने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट तो खरीद लिए, लेकिन अब उन्हें रजिस्ट्री, नामांतरण और वैधानिक अनुमतियों को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम तथा संबंधित राजस्व नियमों के तहत बिना अनुमति कृषि भूमि की अवैध प्लाटिंग करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है। यदि संबंधित विभाग जांच करता है और अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों पर जुर्माना, एफआईआर और अन्य वैधानिक कार्रवाई संभव है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन लोगों ने नियमों को दरकिनार कर प्लाटिंग की है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है।
हम स्पष्ट कर दें कि यह आरोप स्थानीय लोगों और खरीदारों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित प्लाटिंग कर्ताओं का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जैसे ही उनका पक्ष प्राप्त होगा, उसे भी प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
रीठी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग का यह मामला गरीबों की मेहनत की कमाई से जुड़ा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कब तक इस पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।
Comments
Post a Comment