ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द की शासकीय भूमि पर बनी पांच अवैध दुकानों पर प्रशासन की चुप्पी
Chief Editor- Neeraj pandey
ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द की शासकीय भूमि पर बनी पांच अवैध दुकानों पर प्रशासन की चुप्पी
जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायत कैलवारा में एक बार फिर कानून और न्याय व्यवस्था को खुलेआम चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए वही अवैध दुकानें फिर से खड़ी कर दी गई हैं, जिन्हें पहले न्यायालय के निर्देश पर तोड़ा जा चुका था। सवाल यह है कि आखिर किसके संरक्षण में यह सब हो रहा है?
ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द में खसरा क्रमांक 326/2 तालाब के पास दो और शासकीय स्कूल के समीप बनाई गईं तीन अवैध दुकानें आज पूरे प्रशासनिक तंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं।
ग्रामीणो के बताए अनुसार— इन दुकानों का निर्माण पूर्व सरपंच माधुरी पाठक के पति एवं वर्तमान उपसरपंच भूषण पाठक द्वारा दबंगई के बल पर कराया गया था।
ग्रामीणों ने उस समय भी विरोध किया, शिकायतें हुईं और अंततः माननीय हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश पर इन अवैध दुकानों को तोड़ दिया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद आज वही दुकानें फिर से उसी स्थान पर दोबारा खड़ी कर दी गई हैं।
गंभीर आरोप:
वर्तमान सरपंच छुट्टू कोल द्वारा कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें देने के बावजूद
– न तहसील प्रशासन हरकत में आया
– न राजस्व विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई की
जिससे साफ प्रतीत होता है कि यह अवैध निर्माण राजस्व विभाग की खुली मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है।
सवाल
क्या हाईकोर्ट के आदेश अब पंचायत स्तर पर कोई मायने नहीं रखते?
क्या एक उपसरपंच भुषण पाठक कानून से ऊपर है?
और क्या प्रशासन सिर्फ कमजोरों पर ही कार्रवाई करता है?
ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द की ये पांच अवैध दुकानें सिर्फ ईंट-सीमेंट का ढांचा नहीं,
बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, राजस्व विभाग की सांठगांठ और सत्ता के दुरुपयोग की जीती-जागती मिसाल हैं।
अब देखना यह है कि
प्रशासन कब जागेगा — या फिर कानून यूँ ही रौंदा जाता रहेगा
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