जनपद पंचायत कटनी के अंतर्गत आने वाली बडेरा पंचायत का एक अनोखा मामला जहां चल रहा एक बड़ा खेल , क्या है मामला
जनपद पंचायत कटनी के अंतर्गत आने वाली बडेरा पंचायत का एक अनोखा मामला जहां चल रहा एक बड़ा खेल , क्या है मामला
कटनी जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बडेरा से एक बेहद चौंकाने वाला और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ नियम–कानून को ताक पर रखकर पिछले लगभग एक वर्ष से पत्नी के पद पर पति सचिव की भूमिका निभा रहे हैं, और हैरानी की बात यह है कि यह सब जनपद पंचायत कटनी के अधिकारियों की नाक के नीचे चलता रहा।
जनपद पंचायत कटनी परिसर में je मुकेश चक्रवर्ती से सचिवीय बात करते हुए राम गोपाल तिवारी बडेरा , ट्रूकॉलर में दिखता हुआ नाम बडेरा सचिव का
दरअसल ग्राम पंचायत बडेरा में पदस्थ सचिव सरिता तिवारी हैं, लेकिन व्यवहारिक रूप से पंचायत का संपूर्ण कार्यभार उनके पति राम गोपाल तिवारी संभाल रहे हैं। पंचायत का लेन–देन, जनपद कार्यालय में बैठकें,sdo व जेई से मुलाकात, यहाँ तक कि खुद को सचिव बताकर कार्य करना—सब कुछ पति द्वारा ही किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, ट्रू कॉलर जैसे मोबाइल एप्लीकेशन में भी राम गोपाल तिवारी का नाम ग्राम पंचायत बरेरा के सचिव के रूप में दर्ज है, जो इस पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है।
जब इस संबंध में हमने राम गोपाल तिवारी से बात की तो उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि
“मेरी पत्नी पिछले एक साल से बीमार है, इसलिए मैं ही उनकी जगह ड्यूटी कर रहा हूँ।”
जब उनसे यह पूछा गया कि यह कार्य संविधान और सेवा नियमों के विरुद्ध है, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था। उन्होंने साफ कहा कि
“अगर मेडिकल लगाऊँगा तो सिर्फ तनख्वाह मिलेगी, और कुछ नहीं बाकी आप समझदार है इसलिए मैं उनकी जगह काम कर रहा हूँ, ताकि सैलरी भी पूरी मिले और अन्य कार्य भी चलते रहे।”
कानूनी दृष्टि से मामला:
यह पूरा मामला केवल अनैतिक ही नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक और विभागीय अपराध की श्रेणी में आता है।
इस प्रकरण में निम्न कानूनी धाराएँ लागू हो सकती हैं—
भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 420
– धोखाधड़ी कर शासन को गुमराह करना और अवैध लाभ प्राप्त करना।
IPC धारा 409
– लोक सेवक द्वारा आपराधिक न्यास भंग (सरकारी धन एवं अधिकारों का दुरुपयोग)।
IPC धारा 468 एवं 471
– पद का झूठा उपयोग कर दस्तावेज़ों में फर्जीवाड़ा और उनका उपयोग।
मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम
– शासकीय सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग एवं कर्तव्य में गंभीर लापरवाही।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 व 13
– पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ अर्जित करना।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल:
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि
जनपद पंचायत कटनी के अधिकारी SDO, जेई
और जनपद की नियमित बैठकों में
जब एक ही व्यक्ति लगातार उपस्थित रहा, तो आज तक किसी अधिकारी को यह असामान्यता क्यों नहीं दिखी?
यह स्थिति स्पष्ट रूप से यह संकेत देती है कि या तो अधिकारियों की घोर लापरवाही है, या फिर संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है।
सवाल प्रशासन से
अब सवाल केवल एक पंचायत सचिव का नहीं, बल्कि पूरे जनपद पंचायत कटनी की कार्यप्रणाली और जवाबदेही का है। यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो न केवल संबंधित व्यक्ति बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक आंखें मूंदे रहता है, या फिर कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाते हैं।

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