जनसुनवाई में शिकायत, फिर भी वसूली नहीं — जिला व जनपद पंचायत कटनी की कार्यशैली पर सवाल
chief editor neeraj pandey
जनसुनवाई में शिकायत, फिर भी वसूली नही जिला व जनपद पंचायत कटनी की कार्यशैली पर सवाल
कटनी जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द से जुड़ा एक गंभीर मामला एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।जनसुनवाई में शिकायत, दस्तावेज़ों के साथ आरोप, लेकिन आज तक न तो वसूली के आदेश और न ही जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई।
जनसुनवाई मे की गई सरपंच द्वारा शिकायतदिनांक 29 जुलाई 2025 और 9 दिसंबर 2025 को आयोजित जनसुनवाई में ग्राम पंचायत कैलवारा खुर्द की पूर्व सरपंच माधुरी पाठक एवं तत्कालीन वित्तीय प्रभारी के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत के अनुसार—
पूर्व सरपंच और तत्कालीन वित्तीय प्रभारी द्वारा तीन शासकीय कार्यों में स्वीकृत कार्य राशि से अधिक भुगतान निकाल लिया गया, जो सीधे-सीधे वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
मुख्य सवाल:
जब दो बार जनसुनवाई में शिकायत हुई,
जब शिकायतों के साथ दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए,
जब मामला पंचायत से लेकर जनपद और जिला स्तर तक पहुंचा,तो फिर आज तक वसूली के आदेश क्यों नहीं दिए गए?
प्रशासनिक चुप्पी:
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिला पंचायत कटनी और जनपद पंचायत कटनी को यह अधिकार है कि वे
दोषियों से तत्काल वसूली के आदेश दें,
राशि की रिकवरी कराएं,
और भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर तक दर्ज कराएं।
लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी फाइलें दबी हुई हैं,
और दोषियों पर कार्रवाई शून्य है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया:
ग्रामीणों का कहना है कि—
“अगर आम आदमी एक रुपया भी बकाया रखे तो उस पर तुरंत कार्रवाई होती है,
लेकिन पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के मामले में प्रशासन मौन क्यों है?”
आख़िरी सवाल (Punch Line):
क्या दोषियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
क्या पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार पर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है?
और सबसे बड़ा सवाल—
क्या जनसुनवाई सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है?
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन कब नींद से जागता है
और कब कैलवारा खुर्द के इस मामले में वसूली के आदेश जारी होते हैं।
वरना यह मामला सिर्फ एक पंचायत का नहीं,
बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल बनकर खड़ा रहेगा।


Comments
Post a Comment