ग्राम पंचायत शाहनगर जिला पन्ना बनी एक अनोखी पंचायत जहां बिल किसी भी ट्रेडर्स का हो बनाएगा एक ही व्यक्ति वो भी अंग्रेजी में और बिना जीएसटी के

 Chief editor -Neeraj Pandey 


ग्राम पंचायत शाहनगर जिला पन्ना बनी एक अनोखी पंचायत जहां बिल किसी भी ट्रेडर्स का हो बनाएगा एक ही व्यक्ति वो भी अंग्रेजी में और बिना जीएसटी के


शाह नगर ,पन्ना

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की ग्राम पंचायत शाहनगर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ जीएसटी कानूनों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन साधे हुए हैं।

सूत्रों एवं शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत शाहनगर में वर्षों से ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो जीएसटी कानून लागू ही नहीं होता। चाहे बिल की राशि छः रुपये की हो, छः हजार की या फिर छः लाख रुपये की, पंचायत से जुड़े कई भुगतानों में जीएसटी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

आरोप यह भी हैं कि कुछ ट्रेडर्स द्वारा फर्जी और अपूर्ण बिल पंचायत में प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनके आधार पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया। इन बिलों में न तो जीएसटी नंबर दर्ज है, न टैक्स स्लैब का विवरण और न ही वैधानिक टैक्स का भुगतान दर्शाया गया है।

कानूनी पहलू:

विशेषज्ञों के अनुसार, जीएसटी अधिनियम 2017 के तहत निर्धारित सीमा से अधिक के किसी भी कार्य या सामग्री आपूर्ति पर जीएसटी लागू होता है। यदि पंचायत कार्यों में जानबूझकर टैक्स नहीं दिखाया गया, तो यह

कर चोरी (Tax Evasion)

वित्तीय अनियमितता

शासकीय धन के दुरुपयोग

की श्रेणी में आ सकता है।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल:

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों, जनपद पंचायत, जिला प्रशासन एवं जीएसटी विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या फिर किसी स्तर पर मिलीभगत?

जनता की मांग:

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि

ग्राम पंचायत शाहनगर के सभी वर्षों के बिलों की

जीएसटी ऑडिट

स्वतंत्र जांच एजेंसी से

जाँच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

फिलहाल ये सभी आरोप जांच का विषय हैं। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

Comments