बरही धान खरीदी केंद्र बना लूट का अड्डा! खुलेआम अनियमितताएं, किसान बेबस—प्रशासन मौन
बरही धान खरीदी केंद्र बना लूट का अड्डा! खुलेआम अनियमितताएं, किसान बेबस—प्रशासन मौन
जिले के एक बरही धान खरीदी केंद्र में इन दिनों खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां धान की खरीदी में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि बोर से बोर में रखे धान को पलटकर बिना किसी गुणवत्ता जांच के सीधे टैग लगाकर तौल की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इस खरीदी केंद्र में धान की तौल लगातार 41,200 से 41,400 के बीच ही दिखाई जा रही है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि वास्तविक वजन और दर्ज किए गए वजन में बड़ा अंतर है, लेकिन डर और मजबूरी के चलते वे चुप रहने को मजबूर हैं।
इस पूरे मामले में जब खरीदी प्रभारी कपिल दुबे से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लेने से इनकार कर दिया। किसानों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रभारी का कथित बयान और भी चौंकाने वाला है—
“आपको जहां शिकायत करनी है कर दो, मेरा पैसा सभी जगह पहुंचता है।”
इस कथित बयान के बाद सवाल और गहरे हो गए हैं। क्या धान खरीदी केंद्र में चल रही इस मनमानी को किसी का संरक्षण प्राप्त है? क्या प्रशासन को इन अनियमितताओं की जानकारी नहीं, या फिर जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
खरीदी केंद्र परिसर में किसान घंटों, दिनों तक डरे-सहमे खड़े रहते हैं, उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं। अन्नदाता आज अपने ही हक के लिए तरस रहा है और व्यवस्था तमाशबीन बनी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—

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