ग्राम पंचायत शाहनगर जिला पन्ना मे भ्रष्टाचार की गंभीर परतें उजागर
ग्राम पंचायत शाहनगर जिला पन्ना मे भ्रष्टाचार की गंभीर परतें उजागर
पन्ना (म.प्र.)
ग्राम पंचायत शाहनगर, जिला पन्ना में कथित भ्रष्टाचार अब उस स्तर पर पहुँच चुका है जहाँ एक फरियादी को अग्नि सत्याग्रह जैसा कठोर और असाधारण कदम उठाने की चेतावनी देनी पड़ी है। यह मामला न केवल पंचायत व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा करता है।
शिकायतकर्ता प्रहलाद प्रजापति, निवासी ग्राम पंचायत शाहनगर, ने आरोप लगाया है कि पंचायत में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के बिल लगाए जा चुके हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का जीएसटी सरकार को जमा नहीं किया गया। यह सीधे-सीधे जीएसटी अधिनियम और वित्तीय नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
शिकायत के अनुसार, सरपंच के भाई तथा पंचायत सचिव के रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी ट्रेडर्स (व्यापारिक फर्म) बनाकर बिना जीएसटी पंजीकरण के लगातार भुगतान किया गया। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईपीसी की धोखाधड़ी संबंधी धाराओं तथा सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।
प्रहलाद प्रजापति का कहना है कि उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लेकर कई बार जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें सौंपीं, लेकिन अब तक कोई ठोस जांच या कार्यवाही नहीं की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी फरियाद पर प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी साध ली गई है, जिससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी शामिल है।
न्याय न मिलने से हताश होकर शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो वे 26 जनवरी 2026 से अग्नि सत्याग्रह जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
यह मामला केवल एक पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ग्रामीण विकास के नाम पर जनता के पैसे की खुलेआम लूट हो रही है? और क्या शिकायतों को अनसुना करना अब प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर आरोपों पर स्वतंत्र जांच, जीएसटी ऑडिट और कानूनी कार्यवाही करते हैं या फिर एक आम नागरिक की आवाज़ यूँ ही दबा दी जाती है।

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