कटनी जिला उद्योग विभाग का मामला खुलने लगी भ्रस्टाचार की परते
Chief editor -neeraj pandey
कटनी
कटनी जिला उद्योग विभाग से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ विभाग के कर्मचारी अजय सागर ने विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अजय सागर का कहना है कि उन्होंने विभाग में चल रही कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई, जिसका नतीजा उन्हें प्रताड़ना के रूप में भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि महाप्रबंधक ज्योति सिंह चौहान, उनके कथित करीबी अजय पटेल, आसिफ वर्मा और जूनियर डायरेक्टर विनीत रजक ने मिलकर उन्हें निशाना बनाया।,
भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने के तुरंत बाद उनका तबादला सीधी जिले मे कर दिया गया, जबकि इस मामले में वे हाईकोर्ट की शरण में भी जा चुके हैं। और माननीय हाईकोर्ट ने उस पर स्टे भी दे दिया है इसके बावजूद, बिना किसी निष्पक्ष जांच के उन्हें जूनियर डायरेक्टर विनीत रजक के द्वारा दोषी ठहराने का नोटिस जारी कर दिया गया।
पीड़ित अजय सागर का कहना है
पीड़ित कर्मचारी का यह भी कहना है कि वे दलित वर्ग से आते हैं और इसी कारण उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि
“अगर कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार के खिलाफ बोले, तो क्या उसे यही सजा मिलेगी?”
अजय सागर ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा उन्हें यह कहा गया कि
“तुम कुछ भी कर लो, हम पैसे के दम पर सब कुछ मैनेज कर लेंगे।”
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या एक कर्मचारी की आवाज़ को यूं ही दबा दिया जाएगा?
क्या प्रशासन नियम और कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच करेगा,
या फिर भ्रष्टाचारियों का पैसा सिस्टम पर भारी पड़ेगा?
इस पूरे मामले में अभी तक जिला उद्योग विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।प्रशासन की भूमिका और निष्पक्षता पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


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