हीरापुर कौड़िया खरीदी केंद्र में तोल के नाम पर किसानों से वसूली**

Chief editor -neeraj pandey 

     धान खरीदी में खुली लूट!

हीरापुर कौड़िया खरीदी केंद्र में तोल के नाम पर किसानों से वसूली**

कटनी/हीरापुर कौड़िया | विशेष रिपोर्ट

सरकारी दावों के विपरीत ज़मीनी हकीकत एक बार फिर किसानों के साथ हो रहे अन्याय की कहानी बयां कर रही है।

हीरापुर कौड़िया धान खरीदी केंद्र में धान तौल के नाम पर किसानों से 41250 से लेकर 41500 रुपये तक की अवैध तोल ली जा रही है।

किसानों का आरोप है कि निर्धारित मानक से अधिक तोल कराकर उनसे सीधे-सीधे आर्थिक शोषण किया जा रहा है, लेकिन शिकायत करने पर उन्हें धान खरीदी न होने की धमकी दी जाती है।

प्रभारी का चौंकाने वाला बयान

जब इस पूरे मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी सुरेंद्र दहिया से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा—

 “मुझे जबरदस्ती यह केंद्र दिया गया है।”

यह बयान अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े करता है।

अगर प्रभारी ही यह कह रहा है कि उसे केंद्र जबरन सौंपा गया, तो फिर केंद्र चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है?

और अगर प्रभारी असहज है, तो किसानों की सुनवाई कौन करेगा?

चयन प्रक्रिया पर सवाल

किस आधार पर सुरेंद्र दहिया को केंद्र प्रभारी बनाया गया?

क्या नियमों की अनदेखी कर नियुक्ति की गई?

क्या धान खरीदी केंद्रों को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने की खुली छूट दी गई है?

किसानों में आक्रोश

लगातार हो रही अवैध वसूली से किसान आक्रोशित हैं।

उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे

धरना, प्रदर्शन और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—

 क्या जिला प्रशासन इस खुले भ्रष्टाचार पर आंखें मूंदे बैठा रहेगा?

या फिर दोषियों पर सख़्त कार्रवाई कर किसानों को न्याय मिलेगा?

सिर्फ धान तौल का मामला नहीं,

बल्कि किसान की मेहनत पर डाका है।

अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागता है।



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